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pयह पांच दिवसीय लंबे दिवाली त्योहार का पहला दिन है। तीन दिनों तक चलने वाला गोत्रीरात्र व्रत भी धनतेरस से ही शुरू हो जाता है। धन तेरस का अर्थ है धन के तार।/p
pमेवाड़ महोत्सव उदयपुर में पूरे उत्साह और समर्पण के साथ वसंत ऋतु के आगमन का स्वागत करने के लिए मनाया जाता है।/p
pयह त्रिशूर पूरम फेस्टिवल त्रिशूर के वडक्कुनाथन (शिव) मंदिर में हर साल पूरम दिन पर आयोजित किया जाता है।/p
pदिसंबर महीने में लद्दाख में मनाया जाने वाला लोसर फेस्टिवल यहां का खास आकर्षण है। जिसमें शामिल होकर आपको यहां की संस्कृति से रूबरू होने का मौका मिलता है।/p
pस्वामी विवेकानंद ने अपनी तेजस्वी आवाज और अपने प्रभाव से विदेशों में भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता का डंका बजाया।/p
pआगरा शहर प्रेम का शाश्वत प्रतीक है जो अपनी विरासत के लिए और प्रेम की भव्यता के लिए माना जाता है। /p
pजन्माष्टमी हिंदू परंपरा के अनुसार कृष्ण का जन्म मथुरा में भाद्रपद महीने के आठवें दिन की आधी रात को मनाया जाता है।/p