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pहिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, वाल्मीकि का जन्म अश्विन महीने की पूर्णिमा के दिन हुआ था। हर साल अश्विन महीने की पूर्णिमा के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों में कई धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।/p
pगुड़ी नाम का अर्थ "विजय पताका" है। 'युग' शब्द 'युग' और 'आदि' शब्दों के मेल से बना है।/p
pइस दिन मृत्यु के देवता यमराज और उनकी बहन यमुना की पूजा करने का विधान है।/p
pपौराणिक इतिहास, पूजा पद्धति, महत्व, कथा, मंत्र और इस समय के संयोग/p
pवसंत पंचमी के दिन घरों में देवी सरस्वती की प्रतिमा स्थापित कर उनकी पूजा की जाती है, अगले दिन मूर्ति को नदी में विसर्जित कर दिया जाता है। /p
pओणम का महत्व और इतिहास, इसके बाद लोग पूरे घर को फूलों से सजाते हैं।/p
pदशहरा या विजयादशमी का त्योहार बहुत धूमधाम से मनाया जाता है। यह त्योहार वीरता का उपासक, भारतीय संस्कृति का वीर उपासक है।/p