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pउदयपुर का मेवाड़ पर्व यह भारत में विश्व का दूसरा सांस्कृतिक उत्सव प्रतिवर्ष मनाया जाता है। /p
pइस रथयात्रा में भाग लेने के लिए और इसके दर्शन लाभ के लिए हज़ारों, लाखों की संख्या में बाल, वृद्ध, युवा, नारी देश के सुदूर प्रांतों से आते हैं।/p
pमहा का यह शिवरात्रि नाम उस रात को भी संदर्भित करता है जब शिव तांडव नामक स्वर्गीय नृत्य करते हैं।/p
pकार्निवल श्रोव मंगलवार पर समाप्त होता है, जो ऐश बुधवार को लेंट की शुरुआत से एक दिन पहले होता है।/p
pगणेश चतुर्थी का त्योहार भारत के विभिन्न भागों में मनाया जाता है किन्तु महाराष्ट्र में बडी़ धूमधाम से मनाया जाता है।/p
pलोक आस्था का महापर्व छठ आज से शुरू हो रहा है, इस पर्व में सूर्योदय और सूर्यास्त का विशेष महत्व है।/p
pहिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, वाल्मीकि का जन्म अश्विन महीने की पूर्णिमा के दिन हुआ था। हर साल अश्विन महीने की पूर्णिमा के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों में कई धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।/p