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p10 दिनों तक पूजा करने के बाद गणेश जी का विसर्जन किया जाता है। मान्यता के अनुसार, विसर्जन के बाद बप्पा अपने धाम को चले जाते हैं।/p
pहिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, वाल्मीकि का जन्म अश्विन महीने की पूर्णिमा के दिन हुआ था। हर साल अश्विन महीने की पूर्णिमा के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों में कई धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।/p
pयह त्रिशूर पूरम फेस्टिवल त्रिशूर के वडक्कुनाथन (शिव) मंदिर में हर साल पूरम दिन पर आयोजित किया जाता है।/p
pमन्नट्टू पद्मनाभन ने उस समय नायर में अंध विश्वास को दूर करने के लिए 'नायर सर्विस सोसाइटी' नामक एक संस्था की स्थापना की थी। केरल को भारत में शामिल करने के आंदोलन में उन्हें 68 साल की उम्र में जेल जाना पड़ा था।/p
pस्त्रियों का त्यौहार है जो झूला झूल कर मनाती हैं हरियाली तीज/p
pस्वामी विवेकानंद ने अपनी तेजस्वी आवाज और अपने प्रभाव से विदेशों में भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता का डंका बजाया।/p
pदिसंबर महीने में लद्दाख में मनाया जाने वाला लोसर फेस्टिवल यहां का खास आकर्षण है। जिसमें शामिल होकर आपको यहां की संस्कृति से रूबरू होने का मौका मिलता है।/p