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pगोवर्धन पूजा विशेष रूप से मथुरा की कृष्णा नगरी में की जाती है। इस दिन गाय पूजा का भी बहुत महत्व माना जाता है। गोवर्धन पूजा की कथा भगवान कृष्ण से जुड़ी है। इस दिन भगवान कृष्ण ने इंद्रदेव के अहंकार का नाश किया था।/p
pनवरात्रि वर्ष में चार बार आता है। माघ, चैत्र, आषाढ,अश्विन मास में प्रतिपदा से नवमी तक मनाया जाता है।/p
pदुर्गा पूजा हिंदू धर्म के लोगों द्वारा बहुत उत्साह और विश्वास के साथ मनाया जाता है। यह एक धार्मिक त्योहार है, जिसका बहुत महत्व है।/p
pमन्नट्टू पद्मनाभन ने उस समय नायर में अंध विश्वास को दूर करने के लिए 'नायर सर्विस सोसाइटी' नामक एक संस्था की स्थापना की थी। केरल को भारत में शामिल करने के आंदोलन में उन्हें 68 साल की उम्र में जेल जाना पड़ा था।/p
pइस दिन रूप चौदस और काली चौदस जैसे कई त्योहारों का आयोजन किया जाता है। /p
pयह फेस्टिवल वसंत के आगमन की तैयारी का प्रतीक माना जाता है।/p
pकार्निवल श्रोव मंगलवार पर समाप्त होता है, जो ऐश बुधवार को लेंट की शुरुआत से एक दिन पहले होता है।/p