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pयह फेस्टिवल वसंत के आगमन की तैयारी का प्रतीक माना जाता है।/p
pयह पर्व वीरता का उपासक है, भारतीय संस्कृति की वीरता की पूजा है।/p
pइस रथयात्रा में भाग लेने के लिए और इसके दर्शन लाभ के लिए हज़ारों, लाखों की संख्या में बाल, वृद्ध, युवा, नारी देश के सुदूर प्रांतों से आते हैं।/p
pरक्षाबंधन भाई-बहनों का त्योहार है जो मुख्य रूप से हिंदुओं में प्रचलित है, लेकिन भारत के सभी धर्मों के लोग इसे समान उत्साह और भावना के साथ मनाते हैं।/p
pयह त्रिशूर पूरम फेस्टिवल त्रिशूर के वडक्कुनाथन (शिव) मंदिर में हर साल पूरम दिन पर आयोजित किया जाता है।/p
pकार्निवल श्रोव मंगलवार पर समाप्त होता है, जो ऐश बुधवार को लेंट की शुरुआत से एक दिन पहले होता है।/p
pहोली का पर्व हिन्दुओं के द्वारा मनाये जाने वाले प्रमुख त्योहारों में से एक है।/p