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pनवरात्रि के दौरान पूरे नौ दिनों तक हर तरफ भक्ति का माहौल रहता है।/p
pनवरात्रि वर्ष में चार बार आता है। माघ, चैत्र, आषाढ,अश्विन मास में प्रतिपदा से नवमी तक मनाया जाता है।/p
pयह पांच दिवसीय लंबे दिवाली त्योहार का पहला दिन है। तीन दिनों तक चलने वाला गोत्रीरात्र व्रत भी धनतेरस से ही शुरू हो जाता है। धन तेरस का अर्थ है धन के तार।/p
p10 दिनों तक पूजा करने के बाद गणेश जी का विसर्जन किया जाता है। मान्यता के अनुसार, विसर्जन के बाद बप्पा अपने धाम को चले जाते हैं।/p
pगोवर्धन पूजा विशेष रूप से मथुरा की कृष्णा नगरी में की जाती है। इस दिन गाय पूजा का भी बहुत महत्व माना जाता है। गोवर्धन पूजा की कथा भगवान कृष्ण से जुड़ी है। इस दिन भगवान कृष्ण ने इंद्रदेव के अहंकार का नाश किया था।/p
pउगादि पर्व नए साल की तरह मनाया जाता है।/p
pवसंत पंचमी के दिन घरों में देवी सरस्वती की प्रतिमा स्थापित कर उनकी पूजा की जाती है, अगले दिन मूर्ति को नदी में विसर्जित कर दिया जाता है। /p