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pस्त्रियों का त्यौहार है जो झूला झूल कर मनाती हैं हरियाली तीज/p
pपौराणिक इतिहास, पूजा पद्धति, महत्व, कथा, मंत्र और इस समय के संयोग/p
pदिसंबर महीने में लद्दाख में मनाया जाने वाला लोसर फेस्टिवल यहां का खास आकर्षण है। जिसमें शामिल होकर आपको यहां की संस्कृति से रूबरू होने का मौका मिलता है।/p
pयह पर्व वीरता का उपासक है, भारतीय संस्कृति की वीरता की पूजा है।/p
pस्वामी विवेकानंद ने अपनी तेजस्वी आवाज और अपने प्रभाव से विदेशों में भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता का डंका बजाया।/p
pविश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है।/p
pकार्निवल श्रोव मंगलवार पर समाप्त होता है, जो ऐश बुधवार को लेंट की शुरुआत से एक दिन पहले होता है।/p