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pगणेश चतुर्थी, गणेशोत्सव, विनायक चतुर्थी समेत कई नामों से जाने जाने वाले इस पर्व को पूरे देश में बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जाता है।/p
pयह त्रिशूर पूरम फेस्टिवल त्रिशूर के वडक्कुनाथन (शिव) मंदिर में हर साल पूरम दिन पर आयोजित किया जाता है।/p
pगुड़ी नाम का अर्थ "विजय पताका" है। 'युग' शब्द 'युग' और 'आदि' शब्दों के मेल से बना है।/p
pपौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान कृष्ण का जन्म आधी रात को कारागार में हुआ था।/p
pत्योहार की तारीख तिब्बती कैलेंडर के पांचवें महीने के दसवें दिन मनाई जाती है। इसे पद्मसंभव की जयंती के रूप में मनाया जाता है।/p
pयह फेस्टिवल वसंत के आगमन की तैयारी का प्रतीक माना जाता है।/p
pदुर्गा पूजा हिंदू धर्म के लोगों द्वारा बहुत उत्साह और विश्वास के साथ मनाया जाता है। यह एक धार्मिक त्योहार है, जिसका बहुत महत्व है।/p