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pमेवाड़ महोत्सव उदयपुर में पूरे उत्साह और समर्पण के साथ वसंत ऋतु के आगमन का स्वागत करने के लिए मनाया जाता है।/p
pनवरात्रि वर्ष में चार बार आता है। माघ, चैत्र, आषाढ,अश्विन मास में प्रतिपदा से नवमी तक मनाया जाता है।/p
pयह त्रिशूर पूरम फेस्टिवल त्रिशूर के वडक्कुनाथन (शिव) मंदिर में हर साल पूरम दिन पर आयोजित किया जाता है।/p
pगोवर्धन पूजा विशेष रूप से मथुरा की कृष्णा नगरी में की जाती है। इस दिन गाय पूजा का भी बहुत महत्व माना जाता है। गोवर्धन पूजा की कथा भगवान कृष्ण से जुड़ी है। इस दिन भगवान कृष्ण ने इंद्रदेव के अहंकार का नाश किया था।/p
pइस दिन मृत्यु के देवता यमराज और उनकी बहन यमुना की पूजा करने का विधान है।/p
pब्रजवासियों की रक्षा के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने उठाया था गोवर्धन पर्वत/p
pइस दिन बहन अपने भाई के मस्तक पर टीका लगाकर रक्षा का बन्धन बांधती है, जिसे राखी कहते हैं।/p