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pमेवाड़ महोत्सव उदयपुर में पूरे उत्साह और समर्पण के साथ वसंत ऋतु के आगमन का स्वागत करने के लिए मनाया जाता है।/p
pइस रथयात्रा में भाग लेने के लिए और इसके दर्शन लाभ के लिए हज़ारों, लाखों की संख्या में बाल, वृद्ध, युवा, नारी देश के सुदूर प्रांतों से आते हैं।/p
pयह पर्व वीरता का उपासक है, भारतीय संस्कृति की वीरता की पूजा है।/p
pदशहरा को विजयादशमी भी कहा जाता है। /p
pयह तमिल सौर कैलेंडर के अनुसार ताई महीने की शुरुआत में मनाया जाता है जो हिंदू सूर्य देवता को समर्पित है।/p
p10 दिनों तक पूजा करने के बाद गणेश जी का विसर्जन किया जाता है। मान्यता के अनुसार, विसर्जन के बाद बप्पा अपने धाम को चले जाते हैं।/p
pओणम का महत्व और इतिहास, इसके बाद लोग पूरे घर को फूलों से सजाते हैं।/p