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pयह पर्व वीरता का उपासक है, भारतीय संस्कृति की वीरता की पूजा है।/p
pविश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है।/p
pमलयालम कैलेंडर के अनुसार, यह ओणम त्योहार चिंगम के महीने में आता है और हिंदी कैलेंडर के अनुसार, श्रावण शुक्ल की त्रयोदशी ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार अगस्त या सितंबर के महीने में आता है।/p
pसबसे पहले मां लक्ष्मी ने बांधी थी अपने भाई को राखी। /p
pकार्निवल श्रोव मंगलवार पर समाप्त होता है, जो ऐश बुधवार को लेंट की शुरुआत से एक दिन पहले होता है।/p
pइस रथयात्रा में भाग लेने के लिए और इसके दर्शन लाभ के लिए हज़ारों, लाखों की संख्या में बाल, वृद्ध, युवा, नारी देश के सुदूर प्रांतों से आते हैं।/p
pयह त्रिशूर पूरम फेस्टिवल त्रिशूर के वडक्कुनाथन (शिव) मंदिर में हर साल पूरम दिन पर आयोजित किया जाता है।/p