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pइस दिन मृत्यु के देवता यमराज और उनकी बहन यमुना की पूजा करने का विधान है।/p
pहिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, वाल्मीकि का जन्म अश्विन महीने की पूर्णिमा के दिन हुआ था। हर साल अश्विन महीने की पूर्णिमा के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों में कई धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।/p
pतमिलनाडु में इसे पोंगल नामक उत्सव के रूप में मनाया जाता है।/p
pगणेश चतुर्थी, गणेशोत्सव, विनायक चतुर्थी समेत कई नामों से जाने जाने वाले इस पर्व को पूरे देश में बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जाता है।/p
pप्राचीन काल में रामायण या महाभारत केवल घटी हुई, घटनाएं नहीं हैं......आज भी ये घटनाएं हमारे जीवन में प्रतिदिन होती रहती हैं.........अतः इन कहानियों का सार शाश्वत है।/p
pवसंत पंचमी के दिन घरों में देवी सरस्वती की प्रतिमा स्थापित कर उनकी पूजा की जाती है, अगले दिन मूर्ति को नदी में विसर्जित कर दिया जाता है। /p
pनवरात्रि पर्व में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा में श्रद्धालु नतमस्तक होते हैं।/p