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pयह तमिल सौर कैलेंडर के अनुसार ताई महीने की शुरुआत में मनाया जाता है जो हिंदू सूर्य देवता को समर्पित है।/p
pमहा का यह शिवरात्रि नाम उस रात को भी संदर्भित करता है जब शिव तांडव नामक स्वर्गीय नृत्य करते हैं।/p
pइस दिन रूप चौदस और काली चौदस जैसे कई त्योहारों का आयोजन किया जाता है। /p
pइस दिन मृत्यु के देवता यमराज और उनकी बहन यमुना की पूजा करने का विधान है।/p
pनवरात्रि वर्ष में चार बार आता है। माघ, चैत्र, आषाढ,अश्विन मास में प्रतिपदा से नवमी तक मनाया जाता है।/p
pकार्निवल श्रोव मंगलवार पर समाप्त होता है, जो ऐश बुधवार को लेंट की शुरुआत से एक दिन पहले होता है।/p
pपौराणिक इतिहास, पूजा पद्धति, महत्व, कथा, मंत्र और इस समय के संयोग/p