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pइस दिन मृत्यु के देवता यमराज और उनकी बहन यमुना की पूजा करने का विधान है।/p
pमहा का यह शिवरात्रि नाम उस रात को भी संदर्भित करता है जब शिव तांडव नामक स्वर्गीय नृत्य करते हैं।/p
pउगादि पर्व नए साल की तरह मनाया जाता है।/p
pनवरात्रि वर्ष में चार बार आता है। माघ, चैत्र, आषाढ,अश्विन मास में प्रतिपदा से नवमी तक मनाया जाता है।/p
pमलयालम कैलेंडर के अनुसार, यह ओणम त्योहार चिंगम के महीने में आता है और हिंदी कैलेंडर के अनुसार, श्रावण शुक्ल की त्रयोदशी ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार अगस्त या सितंबर के महीने में आता है।/p
pभगवान राम ने इसी दिन रावण का वध किया था तथा देवी दुर्गा ने नौ रात्रि एवं दस दिन के युद्ध के उपरान्त महिषासुर पर विजय प्राप्त की थी।/p
pतमिलनाडु में इसे पोंगल नामक उत्सव के रूप में मनाया जाता है।/p