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pगोवर्धन पूजा विशेष रूप से मथुरा की कृष्णा नगरी में की जाती है। इस दिन गाय पूजा का भी बहुत महत्व माना जाता है। गोवर्धन पूजा की कथा भगवान कृष्ण से जुड़ी है। इस दिन भगवान कृष्ण ने इंद्रदेव के अहंकार का नाश किया था।/p
pइस दिन रूप चौदस और काली चौदस जैसे कई त्योहारों का आयोजन किया जाता है। /p
pउदयपुर का मेवाड़ पर्व यह भारत में विश्व का दूसरा सांस्कृतिक उत्सव प्रतिवर्ष मनाया जाता है। /p
pनवरात्रि पर्व में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा में श्रद्धालु नतमस्तक होते हैं।/p
pयह त्रिशूर पूरम फेस्टिवल त्रिशूर के वडक्कुनाथन (शिव) मंदिर में हर साल पूरम दिन पर आयोजित किया जाता है।/p
pमेवाड़ महोत्सव उदयपुर में पूरे उत्साह और समर्पण के साथ वसंत ऋतु के आगमन का स्वागत करने के लिए मनाया जाता है।/p
pदिसंबर महीने में लद्दाख में मनाया जाने वाला लोसर फेस्टिवल यहां का खास आकर्षण है। जिसमें शामिल होकर आपको यहां की संस्कृति से रूबरू होने का मौका मिलता है।/p