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pनवरात्रि के दौरान पूरे नौ दिनों तक हर तरफ भक्ति का माहौल रहता है।/p
pमन्नट्टू पद्मनाभन ने उस समय नायर में अंध विश्वास को दूर करने के लिए 'नायर सर्विस सोसाइटी' नामक एक संस्था की स्थापना की थी। केरल को भारत में शामिल करने के आंदोलन में उन्हें 68 साल की उम्र में जेल जाना पड़ा था।/p
pयह त्रिशूर पूरम फेस्टिवल त्रिशूर के वडक्कुनाथन (शिव) मंदिर में हर साल पूरम दिन पर आयोजित किया जाता है।/p
pरक्षाबंधन भाई-बहनों का त्योहार है जो मुख्य रूप से हिंदुओं में प्रचलित है, लेकिन भारत के सभी धर्मों के लोग इसे समान उत्साह और भावना के साथ मनाते हैं।/p
pदिसंबर महीने में लद्दाख में मनाया जाने वाला लोसर फेस्टिवल यहां का खास आकर्षण है। जिसमें शामिल होकर आपको यहां की संस्कृति से रूबरू होने का मौका मिलता है।/p
pयह पांच दिवसीय लंबे दिवाली त्योहार का पहला दिन है। तीन दिनों तक चलने वाला गोत्रीरात्र व्रत भी धनतेरस से ही शुरू हो जाता है। धन तेरस का अर्थ है धन के तार।/p
pहिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, वाल्मीकि का जन्म अश्विन महीने की पूर्णिमा के दिन हुआ था। हर साल अश्विन महीने की पूर्णिमा के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों में कई धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।/p