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pपौराणिक इतिहास, पूजा पद्धति, महत्व, कथा, मंत्र और इस समय के संयोग/p
pसबसे पहले मां लक्ष्मी ने बांधी थी अपने भाई को राखी। /p
pइस दिन मृत्यु के देवता यमराज और उनकी बहन यमुना की पूजा करने का विधान है।/p
pप्राचीन काल में रामायण या महाभारत केवल घटी हुई, घटनाएं नहीं हैं......आज भी ये घटनाएं हमारे जीवन में प्रतिदिन होती रहती हैं.........अतः इन कहानियों का सार शाश्वत है।/p
pयह तमिल सौर कैलेंडर के अनुसार ताई महीने की शुरुआत में मनाया जाता है जो हिंदू सूर्य देवता को समर्पित है।/p
pनवरात्रि वर्ष में चार बार आता है। माघ, चैत्र, आषाढ,अश्विन मास में प्रतिपदा से नवमी तक मनाया जाता है।/p
pरोंगाली बिहु या बोहाग बिहु असम का एक महत्वपूर्ण फेस्टिवल है, यह बिहु शब्द बिहु नृत्य और बिहू लोक गीत दोनो की और संकेत करता है। /p